Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, Verse 30
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 69, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 30
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हिन्दी अर्थ
वन्ध्या संसक्ति मेँ वन्ध्यात्व (निष्फलत्व) ही है, इसका उपपादन करते हैं।
माँस के टुकड़ों में गीध की नाई विषयों में झूठमूठ रम्यत्व की कल्पना कर जो मन झपटता है, वह
वन्ध्यासंसक्ति की सामर्थ्य है