Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 72, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 72, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 72 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
को नामातिशयः पुंसां स्त्रीनाम्न्यपरनाम्नि च ।
पेलवे भूतसंघाते प्रोद्भूतजनपातवत् ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे योग, मन्त्र और तप की सामर्थ्य से आकाशगमन की सिद्धि को प्राप्त हुआ योगी आकाश
को छोड़कर पृथ्वी पर नहीं दौड़ता, वैसे ही आत्मज्ञान से सम्पन्न मन भी निम्नकोटि के विषय सुखों के
पीछे भागता नहीं