Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 72, Verse 60
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 72, verse 60 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 72 · श्लोक 60
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
अतएव देह का विनाश होने पर भी जीव का विनाश नहीं होता, ऐसा कहते हैं।
जैसे आधार (घट) और आधेय (जल) इन दो में से किसी एक का विनाश होने पर दूसरा नष्ट नहीं
होता, वैसे ही शरीर आदि का नाश होने पर आत्मा नष्ट नहीं होता