Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 72, Verse 64
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 72, verse 64 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 72 · श्लोक 64
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हिन्दी अर्थ
है, तो यह जीव अपनी ब्रह्मस्वरूपता का स्मरण कर निरतिशयानन्दरूपी अभ्युदय को प्राप्त हो जायेगा,
क्योकि आप चित्त के नाश से जीव-विनाश की जो सम्भावना करते हैं, वह शास्त्रों में जीव के लिए मोक्ष
कहा गया हे