Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, Verse 79
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 75, verse 79 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 79
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
इस लोक में श्रेष्ठ श्रेणी के ब्राह्मण लोग तब तक जलबुद्धि से मद्य पी
लेते हैं, जब तक उसका असली स्वरूप नहीं जान लेते असली स्वरूप को जान लेने पर तो उसका
परित्याग कर देते हैं