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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, Verse 85

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 75, verse 85 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 85

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

भद्र, भला बतलाइये तो सही कि ऐसा कौन बलिष्ठ स्वामी हे, जिसने परपुरुष के संग में व्यसन रखने वाली अपनी पत्नी को उसके संकल्प में अवस्थित परकान्तसंगमरूपी महोत्सव का विरमरण कराया हो