Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 76, Verse 27
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 76, verse 27 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 76 · श्लोक 27
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हिन्दी अर्थ
कुछ महानुभावं ने उत्कृष्ट आत्मज्ञान का सम्पादन कर चित्तविक्षेप की निवृत्ति के लिए
तपोवन का आश्रय लिया जैसे भृगु, भरद्वाज, विश्वामित्र, शुक आदि