Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 76, Verse 35
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 76, verse 35 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 76 · श्लोक 35
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हिन्दी अर्थ
विधि कौन है ? इसे कहते हैं।
ब्रह्मा, दैव, विष्णु, हिरण्यगर्भ, शिव, ईश्वर आदि परमात्मा के नामों से हम सब लोगों का प्रत्यक्
चेतनरूप आत्मा ही कहा जाता है