Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 76, Verse 46
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 76, verse 46 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 76 · श्लोक 46
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हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, जिसको मुक्ति की अभिलाषा हो, उसे आत्मा के अवलोकन में यत्न करना चाहिए।
समस्त दुःखों का शिरोच्छेद आत्मा के अवलोकन से ही होता हे