Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 83, Verse 68

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 83, verse 68 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 83 · श्लोक 68

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

यदि सभी कुछ ईश्वर का ही है, तो उसमें मेरी इच्छा कैसे हुई ? इस पर कहते हैं। हे चित्त, तुम्हारे जैसे मूर्खो की दृष्टि से ही इस जगत्‌ में व्यर्थ क्षोभ उस प्रकार उत्पन्न होता है, जिस प्रकार राजा की स्त्री को देखकर मूर्ख युवा को मदमयी अवस्था उत्पन्न होती है