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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 84, Verse 20

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 84, verse 20 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 84 · श्लोक 20

संस्कृत श्लोक

कैलासकानने कान्ते कदम्बस्य तरोस्तले । मुनित्वं शतमब्दानां जीवन्मुक्तात्मनिर्मलम् ॥ २० ॥

हिन्दी अर्थ

अज्ञान का विनाश होने पर हृदय में अपने ज्ञान का प्रकाश उस प्रकार प्रकटरूपता को प्राप्त हो रहा है, जिस प्रकार शरत्काल में मेघो के शान्त हो जाने पर आकाश में सूर्यमण्डल प्रकटरूपता को प्राप्त होता हे