Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 87, Verses 37–38
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 87, verses 37–38 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 87 · श्लोक 37
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हिन्दी अर्थ
तुमने
आत्मा के विज्ञान की प्राप्ति कर अपना विनाश किया है, अतः हे देह, तुम्हारे द्वारा ही यह तुम्हारा
विनाश किया गया है, दूसरे के द्वारा नहीं किया गया है