Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 89, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 89, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 89 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
अनात्मविदमुक्तोऽपि नभोविहरणादिकम् ।
द्रव्यकर्मक्रियाकालशक्त्या प्राप्नोति राघव ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
हे
श्रीरामजी, ज्ञान से ही मनुष्य दुःख के अभाव को प्राप्त होता है, ज्ञान से अज्ञान का विनाश हो जाता है,
ज्ञान से ही परम सिद्धि मिलती है, वास्तव में वह दूसरे किसीसे नहीं मिलती