Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 90, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
दुःखमूलमवष्टब्धमस्मिन्नेव विनिश्चलम् ।
विद्यमानं मनो विद्धि दुःखवृक्षवनाङ्कुरम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे आत्मज्ञानिया में श्रेष्ठ, जीवन्मुक्त शरीरवाले महात्माओं
की आकाशगमन आदि शक्तिर्यौ यहाँ क्यो नहीं दिखलाई पड़ती हैं ?