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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 11, Verse 14

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 11, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 11 · श्लोक 14

संस्कृत श्लोक

श्रीराम उवाच । येनैते भगवन्धीरा निश्चयेन महाधियः । विशोकाः संस्थितास्तन्मे ब्रह्मन्प्रब्रूहि तत्त्वतः ॥ १४ ॥

हिन्दी अर्थ

श्रीरामजी ने कहा : भगवन्‌, जिस निश्चय के कारण ये पूर्वोक्त महाबुद्धिमान धीर सुरगुरु आदि शोकनिर्मुक्त होकर स्थित हैं, हे ब्रह्मन्‌, उसका मुझसे ताप्विक रूप से वर्णन कीजिए