Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 11, Verse 69
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 11, verse 69 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 11 · श्लोक 69
संस्कृत श्लोक
भेदं त्यक्त्वा स्वमाभासं चिद्ब्रह्माहमनामयम् ।
शब्दादीनामशेषाणां कारणानां जगत्स्थितेः ॥ ६९ ॥
हिन्दी अर्थ
समस्त, शब्द स्पर्श आदि विषय; उनके हेतुभूत (आधारभूत) आकाश, वायु आदि तथा इनके द्वारा की
गई जगत्स्थिति इन सबकी सत्ता का अवभासक (अस्तित्व प्रकाशस्वरूप), स्वच्छ, चैतन्यरूप ब्रह्म ही
मैं हूँ, मेरा कभी विनाश नहीं है