Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 15, Verse 30
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 15, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 15 · श्लोक 30
संस्कृत श्लोक
जगद्विदितदीर्घायुर्भुशुण्ड इति विश्रुतः ।
युगागमापायदशादशनप्रौढमानसः ॥ ३० ॥
हिन्दी अर्थ
जगत में विदित दीर्घायुवाला भुशुण्ड नाम से प्रसिद्ध वह वायसराज युगो की उत्पत्ति ओर
विनाश की दशा के दर्शन से प्रौढ़नन था