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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 16, Verse 21

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 16, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 16 · श्लोक 21

संस्कृत श्लोक

कियदायुश्च ते साधो वृत्तं स्मरसि किंच वा । केनायं वा निवासस्ते निर्दिष्टो दीर्घदर्शिनः ॥ २१ ॥

हिन्दी अर्थ

हे साधो, तुम्हारी कितनी आयु है, तुम अपना कौन-सा इतिवृत्त (विगत कल्पान्तचरित्र) जानते हो और किस महानुभाव ने दीर्घदर्शी तुम्हारे लिए निवासस्थान रूप से इस वृक्ष को निश्चित किया है ?