Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 19, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 19, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 19 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
अन्तर्वत्न्यो बभूवुस्ता ब्राह्म्यो हंस्यो मुनीश्वर ।
वृत्तान्तं कथयामासुर्ब्राह्म्या देव्या यथास्थितम् ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
हे मुनीश्वर, वे ब्राह्मीशक्ति के रथ की हँसियाँ गर्भवती हुई थीं, उन्होने ब्राह्मी देवी के
समीप में अपना यथास्थित वृत्तान्त कह दिया