Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 2, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 2, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 2 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
अथासौ मुनिशार्दूलस्तयैव सह सेनया ।
गृहं दाशरथं काले रामाद्यनुगतो ययौ ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर मुनियों मे सिंहरूप महाराज वसिष्ठजी उस सेना के
साथ ही राम आदि से अनुगत होकर यथासमय दशरथजी के घर पर आ पहुँचे