Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 21, Verse 6

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 21, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 21 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

यदा सुरासुरक्षोभपतच्चन्द्रार्कमण्डलम् । आसीज्जगदतिक्षुब्धं तदा नाकम्पत द्रुमः ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

जब देवासुर संग्राम के कारण चन्द्र-मण्डल और सूर्य-मण्डल गिर गया था तथा जगत में अत्यन्त क्षोभ पैदा हो गया था, तब भी यह वृक्ष कम्पित नहीं हुआ