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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 24, Verse 11

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 24, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 24 · श्लोक 11

संस्कृत श्लोक

भुशुण्ड उवाच । सर्ववेदान्तवेत्तासि सर्वसंशयनाशकः । मामेतत्परिहासार्थं मुने पृच्छसि वायसम् ॥ ११ ॥

हिन्दी अर्थ

भुशुण्ड ने कहा : हे मुने, आप समस्त वेदान्तो को जानते हैं, समस्त संशयो का विनाश भी करते हैं, तथापि केवल मेरे परिहास के लिये ही मुझ जैसे कौए से इस विषय का प्रश्न कर रहे हैं - ऐसा मैं मानता हूँ