Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 24, Verse 12

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 24, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 24 · श्लोक 12

संस्कृत श्लोक

अथवा भवतामेव भगवन्परिशिक्षितुम् । पुनः प्रत्युत्तराणीदं का मे क्षतिरुपस्थिता ॥ १२ ॥

हिन्दी अर्थ

अथवा हे भगवन्‌, आपके सदृश पूज्यतम लोगों की सन्निधि में इसी प्राणदर्शन की विशेष रूप से शिक्षा ग्रहण करने के लिए यदि मैं आपके प्रश्न का फिर उत्तर दूँ, तो मेरी क्षति ही कौन-सी उपस्थित होगी