Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 24, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 24, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 24 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
भुशुण्डजीवितकरं भुशुण्डस्वात्मलाभदम् ।
शृणु प्राणसमाधानं वक्ष्यमाणमिदं मया ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
महाराज, भुशुण्ड को जिसने चिरंजीवी बनाया है तथा
जिसने भुशुण्ड को स्वकीय आत्मा की प्राप्ति कराई है, उस प्राणसमाधि का, जो मेरे द्वारा देहरूपी घर
के वर्णन-क्रम से आगे कही जायेगी, आप श्रवण कीजिए