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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 25, Verse 49

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 25, verse 49 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 25 · श्लोक 49

संस्कृत श्लोक

आतपे परितो नष्टे छायेवानुपदं तथा । प्राणजन्मावनौ नष्टमपानं विद्धि सन्मते ॥ ४९ ॥

हिन्दी अर्थ

हे सन्मते, जिस भूमि में प्राण की उत्पत्ति होती है, उस भूमि मे अपान का विनाश हो जाता है ओर जिस भूमि में अपान की उत्पत्ति होती है, उस भूमि में प्राण का विनाश हो जाता है, यह आप निश्चित जानिए