Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 26, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 26, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 26 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
आमहाप्रलयाद्ब्रह्मन्नुन्मज्जननिमज्जनम् ।
अहमद्यापि भूतानां पश्यञ्जीवामि धीरधीः ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
ब्रह्मन्, महाप्रलय से लेकर प्राणियों की उत्पत्ति एवं विनाश का अनुभव कर रहा मैं धीरबुद्धि होकर
आज भी जी रहा हूँ