Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 27, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 27, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 27 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
मया तु सुमहत्कार्यमद्य संपादितं शुभम् ।
पुण्यदेहविमुक्तात्मा यद्भवानवलोकितः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
भुशुण्डजी, पुण्य-देह एवं विमुक्तात्मा
आपका जो यह अवलोकन किया, उससे मैंने तो आज अत्यन्त कल्याणकर एक बहुत-बड़ा कार्य
सम्पादन कर लिया हे