Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 49, Verse 22
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 49, verse 22 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 49 · श्लोक 22
संस्कृत श्लोक
एतावन्तमबुद्धस्त्वं कालं युक्त्या प्रबोधितः ।
इदानीं संप्रबुद्धस्त्वं मया येनावबोध्यसे ॥ २२ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी,
इतने काल तक अप्रबुद्ध रहे आपको मैंने युक्तियों से प्रबोधदशा में पहुँचा दिया है । प्रबुद्ध हुए आप अब
जिस प्रकार के उपदेश से बोधित किये जायेंगे, उसे आप सुनिए