Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 51, Verse 15
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 51, verse 15 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 51 · श्लोक 15
संस्कृत श्लोक
असदेव सदेवासदज्ञानादस्य सत्यता ।
ज्ञानाद्यथास्थितं वस्तु दृश्यते नश्यति भ्रमः ॥ १५ ॥
हिन्दी अर्थ
असत् पदार्थ ही सत् भासित होता है । उसकी सत्यता
असद्रूप अविद्या से ही है । ज्ञान से तो जो वस्तु जिस प्रकार की रहती है, वह उसी प्रकार की दिखाई देती
है ओर भ्रान्ति नष्ट हो जाती है