Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 52, Verse 32
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 52, verse 32 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 52 · श्लोक 32
संस्कृत श्लोक
तत्क्षयेण विभारत्वं भुवो विष्णुः करिष्यति ।
राघवाऽर्जुनदेहेन वृहद्गाण्डीवधन्वना ॥ ३२ ॥
हिन्दी अर्थ
हे राघव, महान् गाण्डीवधनुधरी अर्जुन की
देह से उन सेनाओं को नष्टकर विष्णु भगवान् पृथ्वी को भार से मुक्त कर देंगे