Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 53, Verse 49
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 53, verse 49 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 53 · श्लोक 49
संस्कृत श्लोक
समग्रपयसामन्तर्यथा घृतमिव स्थितम् ।
तथा सर्वपदार्थानां देहानां संस्थितः परः ॥ ४९ ॥
हिन्दी अर्थ
जिस प्रकार सम्पूर्ण दूधों के भीतर घी
स्थित ही है, उसी प्रकार सम्पूर्ण पदार्थों के भीतर अधिष्ठानरूप से और सम्पूर्ण देहों के भीतर
प्रकाशकरूप से वह परमात्मा स्थित हे