Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 8, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 8, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 8 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
दिवसव्यूहकुसुमा यामिनीलोलषट्पदा ।
अजस्रं स्पन्दमानैषा प्रपतद्भूतपल्लवा ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
“नाना प्रकार के उल्लासो से युक्त है“ इसीका विस्तारपूर्वक वर्णन करते हैं।
यह लता दिवस समूहरूप पुष्पों से युक्त, रात्रिरूप चंचल भ्रमरो से समन्वित, रागादि दोषों के
कारण दौड़ रहे यानी हिल रहे प्राणीरूप पल्लवं से भूषित और निरन्तर कम्पनशील है