Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 104, Verse 32
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 104, verse 32 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 104 · श्लोक 32
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हिन्दी अर्थ
कुछ ही दिनों तक जब तक कि आयु की
मरणरूप अवधि नहीं आती है, संसार सागर मेँ निमग्न हुए आप लोगों के लिए सत् शास्त्र का
अवलम्बन योग्यता द्वारा यह आश्वासन है