Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 110, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 110, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 110 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
उद्दामवारणारावै रणलम्पटहर्षदम् ।
भुशुण्डीमण्डलप्रासशूलतोमरवर्षदम् ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
वीरों को
युद्ध के लिए आज्ञा दीजिये, इष्ट देवताओं का जप-पूजन आदि अनुष्ठान कीजिये, सामन्तं
का आह्वान कीजिये और रणभेरियाँ बजाई जाय