Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 110, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 110, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 110 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
भटकोलाहलोल्लासहृद्भङ्गमृतपामरम् ।
रजःपटलशुभ्राभ्रकृतद्युपथवारणम् ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
सब योद्धाओं को कवच आदि से
सुसज्जित कीजिये युद्ध का बाना पहनाइये, तदुपरान्त वे सबके-सब युद्ध के लिए प्रस्थान करें
और दिशाओं की गजघटाओं से काले काले प्रलयमेघों के जैसे पाट दीजिये