Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 113, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 113, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 113 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
लहरीवल्लरीवालान्पृष्ठतालिषु माधवान् ।
क्वचिदन्तरविश्रान्तसपरिच्छदमाधवान् ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
साय साँय
शब्द करनेवाले वायुओं से महासागर के प्रवाह से बरफ छप-छप शब्द के साथ पृथिवी पर गिरने
लगा