Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 113, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 113, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 113 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
गुहामशकवद्गर्तभीतशाखायिताचलान् ।
नयतोम्बुतरङ्गौघैर्वेलाद्रीनतिखर्वताम् ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
उनकी पैदल सेना तो पास में शस्त्रास्त्र
राशि के रहते भी विपश्चित् की चक्रराशि से आँख के अश्रुओं से भर जाने के कारण, मूसलाधार
वृष्टि होने पर धूलराशि के समान, भागने में समर्थ नहीं हुई