Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 113, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 113, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 113 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
तरङ्गा इव तोयेऽन्तर्नीहारा इव वारिदे ।
मेघा वायाविवामोदा व्योमनीव निलिल्यिरे ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
पश्चिमसागर के तटवर्ती देशों के यवनयोद्धा वेलाभूमि
में मगरो के झुण्डों से निगल लिये जाने के कारण मर गये