Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 121, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 121, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 121 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
बभूव भगवानेषामथ दृश्यो हुताशनः ।
आकारवान्वरं पुत्राः प्रगृह्णीतेत्युवाच ह ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
के तुल्य इसके अनुसरण से क्या लाभ है ?