Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 128, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 128, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 128 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
देशस्य तस्य पुण्यत्वाद्देहं तच्चातिवाहिकम् ।
आधिभौतिकताबोधं नानयन्निर्मलाशयः ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
उसके बाद नक्षत्रमण्डल
से दुगुना पूर्वोक्त आकाश से दूसरा आकाश है और वह कहीं पर प्रकाश से जगमगाता है और कहींपर
गाढ़ अन्धकार से व्याप्त है