Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 175, Verse 21

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 175, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 175 · श्लोक 21

संस्कृत श्लोक

देहरूपजगद्रूपैरहमेकमनाकृति । मनस्तिष्ठाम्यनन्तात्म बोधाबोधं पराभवम् ॥ २१ ॥

हिन्दी अर्थ

जिसमें दृश्य का अत्यन्त असंभव है, शुद्ध बोधोदयस्वरूप, सकल विक्षेपो से रहित परमशान्त निरतिशयानन्दरूप से जो स्थिति है उसे ही आप परमपुरुषार्थ जानिये