Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 176, Verse 74
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 176, verse 74 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 176 · श्लोक 74
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हिन्दी अर्थ
इसलिए भ्रम की निवृत्ति में इसी शास्त्र को असाधारण उपाय आप जानिये । ऐसा ही ज्ञानियों द्वारा
इसका अनुभव किया जाता है