Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 183, Verse 43
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 183, verse 43 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 183 · श्लोक 43
संस्कृत श्लोक
सप्तद्वीपेश्वरानेतानिमे द्वीपेषु सद्मसु ।
कारयन्ति वरा वर्या वीरा दिग्विजयं रणे ॥ ४३ ॥
हिन्दी अर्थ
हे साधो, सत्कर्मो के फलों में बाधा डालनेवाली इनकी यह
दूसरी असमंजसपूर्ण आश्चर्यकारी दुर्घटना आप सुनिये