Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 183, Verse 44
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 183, verse 44 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 183 · श्लोक 44
संस्कृत श्लोक
तदेवमनिवार्येऽस्मिन्विरोधे विबुधेश्वर ।
यदनुष्ठेयमस्माभिस्तदादिश शिवाय नः ॥ ४४ ॥
हिन्दी अर्थ
इन आठों भाइयों के तप करते समय
इनके दुःखी माता-पिता इनकी बहूओं के साथ तीर्थ ओर मुनियों के तपोवनों के दर्शन के लिए
गये