Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 19, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 19, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 19 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
तेन गीता इमे वेदाः सहशब्दार्थकल्पनाः ।
नियतिः स्थापिता तेन तथाद्यापि यथास्थिता ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
उसीने अपने चार मुखों से शब्दार्थो की कल्पना
से युक्त इन चारों वेदों का गान किया है। उसीने शास्त्रीय सदाचार आदि की मर्यादा इस ढंग से
स्थापित की है कि आज भी ज्यों-की-त्यों व्यवस्थितरूप से चली आ रही है