Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 195, Verse 14

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 195, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 195 · श्लोक 14

संस्कृत श्लोक

TODO

हिन्दी अर्थ

जिसका चिदात्मा मोहरूप निद्रा से जाग चुका है तथा जिसकी बाह्य वृत्तिर्या निरुद्ध हो चुकी हैं इस तरह का महात्मा पुरुष केवल अपने चित्‌ स्वभाव में स्थित होकर न तो कुछ भी ग्रहण करता हे ओर न कुछ त्यागता हे