Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 195, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 195, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 195 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
TODO
हिन्दी अर्थ
अन्य सत्ता क्यो नहीं है ऐसा यदि कहो तो तत्त्वसाक्षात्कार से जगद्रूप का वाध होने पर चिन्मात्रसत्ता
का ही परिशेष रहता है, इस आशय से कहते है।
पूर्णरूप से प्रबुद्ध यानी अपरिच्छिन्न ब्रह्मावगाहन में खूब प्रसृत होनेवाले बोध से पूर्ण महात्माओं
की वह केवल प्रत्यगात्मरूप बोधता भी अपने ब्रह्मसन्मात्र परिशेषरूप अखण्डाकारवाक्यार्थलक्षण दूसरे
परिणाम से अखण्डार्थक वाक्य-लक्ष्यता को प्राप्त हो जाती है