Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 195, Verse 30

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 195, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 195 · श्लोक 30

संस्कृत श्लोक

TODO

हिन्दी अर्थ

जो दृश्य, द्रष्टा ओर दर्शन त्रिपुटीरूप है वह सबका सब शान्त शिव सन्मात्रही है ऐसी भीतर भावना करने ओर भलीभाँति ज्ञात होने पर फिर भ्रान्ति का उद्भव कैसा ?