Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 24, Verse 3

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 24, verse 3 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 24 · श्लोक 3

संस्कृत श्लोक

समस्तदेहसाराणां सारस्याद्य फलं मया । खिन्नोस्मि भगवन्पश्यन्दशाः संसारदोषदाः ॥ ३ ॥

हिन्दी अर्थ

आज आपको पा जाने से सुर, असुर, पशु, पक्षी आदि समस्त देहो के सारभूत ब्राह्मणदेहों मे श्रेष्ठ अपने इस ब्राह्मण शरीर का फल ज्ञानाधिकारसम्पत्ति से मैंने पा लिया । हे भगवन्‌, दोषप्रद सांसारिक दशाओं को देखते-देखते खिन्न हो गया हूँ