Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 26, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 26, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 26 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
सर्व एव त्विमे भावा देहदारधनादयः ।
क्षिप्रमाशुष्कसिकताशरावविशरारवः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
शरीर, नारी, धन, आदि जितने ये पदार्थ हैं, वे सब
शुष्क बालू से बनाये गये कसोरे के सदृश जल्दी ही नष्ट हो जानेवाले हैं